दिल के किसी न किसी कोने में भड़ास जरूर तिलमिला रही होगी। भड़ास की आग जरूर निकालिए, ताकि जलने वाले बच न पाएं। sarviind@gmail.com परभेजें।

Saturday, January 23, 2010

गायब न हो जाए पायल की झनकार!


अरविन्द शर्मा
आठ माह की इस मासूम के सपने उम्र से भी कई बड़े हैं, मगर सपनों के आड़े आ गई है तो उसकी बीमारी। वह चहकना और जीना भी चाहती है। लेकिन यह बीमारी उसे यह सब करने के लिए रोक रही है। ईश्वर ने उसे इस उम्र में ही ऐसा रोग दे दिया है कि वह खुद पूरी तरह सांस भी नहीं ले पाती है। वह सांस ले तो रही है, लेकिन ये सांसें कभी भी किसी भी वक्त थम सकती है। ऐसा नहीं है कि उसका रोग असाध्य है। उसका इलाज है, लेकिन आड़े आ रही है तो आर्थिक तंगी। आठ माह की यह मासूम है राजस्थान के सीकर की पायल। उसे 'ट्राई कस्पिड अट्रेजिया'रोग है।
अपनी मां की गोद में लेटी पायल को देखकर अस्पताल में आने-जाने वाले हर किसी के कदम ठिठक जाते हैं। पायल के माता-पिता आंखों में तो अब पानी ही पानी रहता है। पायल की बीमारी से घबराए वे बार-बार दौड़कर चिकित्सक के पास जाते हैं और दिल्ली जाने की सलाह के साथ वापस लौट आते हैं। चिकित्सकों ने पायल के दिल में 'ट्राई कस्पिड अट्रेजिया' रोग बताया है। इस रोग से दिल रक्त का शुद्धिकरण नहीं कर पाता। पायल की मां रेखा और पिता अशोक शर्मा की मानें तो उन्हें इस रोग की जानकारी करीब 25 दिन पहले हुई। बुखार होने पर वे पायल को यहां एक निजी चिकित्सक के पास ले गए थे। चिकित्सक ने दो दिन तक भर्ती रखने के बाद पायल को जयपुर रैफर कर दिया। जयपुर में चिकित्सकों ने जांच के बाद पायल के दिल में ट्राई कस्पिड अट्रेजिया रोग बताया। साथ ही जल्द दिल्ली ले जाकर ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। लेकिन ऑपरेशन का पैसा नहीं होने के कारण उसके माता-पिता वापस सीकर ले आए। पायल के पिता अशोक शर्मा निजी स्कूल में कम्यूटर ट्यूटर का कार्य करते हैं। इस कार्य के लिए उसे तीन हजार रुपए पगार मिलती है। पायल के अलावा उनके दो बेटियां और एक बेटा भी है। बकौल अशोक परिवार का गुजारा ही बमुश्किल हो पाता है। पायल के दिल के ऑपरेशन का खर्चा चिकित्सक ने तीन लाख रूपए बताया है। पायल की मां रेखा ने बताया कि सीकर और जयपुर में इलाज में ही अब तक 35 हजार रुपए खर्च हो गए हैं। उसके भाइयों ने इसमें सहयोग किया है। लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति भी इतने पैसों का इंतजाम करने के जैसी नहीं है।
गंभीर है स्थिति
बच्ची को 'ट्राई कस्पिड अट्रेजिया' रोग है। इस रोग में दिल का एक वॉल काम नहीं करता है। इससे रक्त का शुद्धिकरण नहीं हो पाता। ऑपरेशन ही इसका एक मात्र उपाय है। वर्तमान में बच्ची की स्थिति बेहद गंभीर है। जल्द ऑपरेशन की आवश्यकता है। इसे ऑक्सिजन के सहारे रखा गया है। इस परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए अस्पताल हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है।