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Sunday, September 23, 2012


एनडीए, यूपीए को तोड़ना चाहते हैं मुलायम?

मल्टी ब्रैंड रिटेल में एफडीआई और डीजल के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ पहले सरकार का विरोध, फिर समर्थन और एक बार फिर सरकार को चेतावनी, समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह की इस सियासी चाल ने सभी राजनीतिक दलों को परेशान कर रखा है। देश की जनता भी नहीं समझ पा रही है कि मुलायम किसके साथ हैं। क्या चाह रहे हैं? कहीं मुलायम की ये सारी चालें दिल्ली की कुर्सी पर कब्जे को लेकर तो नहीं है? मुलायम यूपीए और एनडीए दोनों घटक दलों को अपने साथ जोड़ने में लग गए हैं।

एक तरफ मुलायम सिंह कहते हैं कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए वह सरकार को समर्थन देते रहेंगे। दूसरी तरफ उनके बेटे और यूपी के मुख्यमंत्री कहते हैं कि देश को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके भाई और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट तक तैयार कर ली है। इन तमाम बयानों के बीच मुलायम एनडीए और यूपीए दोनों में अपने दोस्तों की तलाश में जुट गए हैं। यूपीए और एनडीए से अलग दल पहले ही मुलायम को कह चुके हैं कि वह आगे आएं और तीसरा मोर्चा बनाएं। साथ ही उसका नेतृत्व भी मुलायम खुद करें।

मुलायम ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में भी अपने दोस्तों की तलाश शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसी के तहत मुलायम ने एनडीए के प्रमुख घटक शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से शनिवार को मुलाकात की। एसपी प्रमुख के इस कदम को उनकी अगले लोकसभा चुनाव के बाद की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने देश में किसानों की स्थिति, महंगाई, मल्टी ब्रैंड में एफडीआई जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि एफडीआई जैसे कई मुद्दों पर दोनों नेताओं के विचार एक जैसे हैं। लिहाजा इन पर भविष्य में फिर बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। उधर, अहम फैसलों में सहयोगी दलों की राय नहीं लेने पर 2 सांसदों वाले झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) ने नाराजगी प्रकट की है। कहा जा रहा है कि मुलायम ने जेवीएम के नेताओं से भी संपर्क किया है।

मध्यावधि चुनाव के लिए एसपी तैयार
मुलायम खुद भले ही मध्यावधि चुनाव से इनकार करते नजर आएं, लेकिन उनके बेटे और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है।

बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि एसपी देशहित में सोचती है और उसका फैसला सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखने वाला ही होता है। केंद्र सरकार को समर्थन देने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इस मुद्दे पर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का फैसला ही मान्य होगा। वह जो भी फैसला लेंगे वही पार्टी का आधिकारिक फैसला होगा। उन्होंने कहा कि देश में मध्यावधि चुनाव संभव है और उनकी पार्टी इसके लिए तैयार भी है।