अरविन्द शर्मा अब सोचता हूं कि अच्छा हुआ बचपन में किसी ने परियों की तरह ड्रेकुला की कहानी नहीं सुनाई। आज ड्रेकुला होता तो वो भी शर्मसार हो जाता। राजस्थान के हिंडौनसिटी में बच्चों का खून निकालने का मामला सामने आने के बाद हर किसी के दिल की धड़कनें थमी …
Read moreअरविन्द शर्मा दिल्ली के एक बड़े अखबार का मुख्य पेज देखकर तो एक दिन मैं चौंक ही "या। बिजली परियोजना से जुड़ी यह खबर पांच-छह लाइन की थीं। खबर में दो-दो रिपोर्टर का नाम था। इसी तरह राजस्थान के एक अखबार में महज दस लाइन की खबर में तीन-तीन रिपोर्टर क…
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