यह सवाल मेरे जहेन में काफी दिनों से कोंद रहा है कि क्या प्रथम आराध्य देव श्रीगणेश के अपमान के लिए दोषी आप है? इसका जवाब शायद 'हांÓ है। हर बार गणेश चतुर्थी पर इसी तरह गणेशजी का अ पमान होता आया है और इस बार भी हम और आप प्रथम पुज्य गणेश भगवान का …
Read moreअरविन्द शर्मा आजादी के मौके पर आज हमें एक तांगे वाले की कहानी याद आ गई। एक तांगे वाले के तांगे में लीडर लोग बैठकर घर से मयखाने जाते थे। आते वक्त वे बतियाते कि आजादी मिलने के बाद सब कुछ बदल जाएगा। गरीब गरीब न रहेगा। गरीबी-अमीरी की खाई पट जाएगी। सबको …
Read moreअरविन्द शर्मा हमारे यहां यह कहावत लंबे समय से चली आ रही है, 'मेरी पड़ोसन खाय दही, मोसे कैसे जाय सही'। ऐसी खबर पिछले दिनों मैंने अखबार में पढ़ी तो बचपन से चौबीस तक की जिंदगी सिनेमा की रील की तरह आंखों के सामने से गुजर गई। दिमाग ने कहा कि नहीं…
Read moreकैलाश राव धरना, ज्ञापन और प्रदर्शन। अपने लोकतंत्र में यह तीनों ऐसे पुख्ता हथियार हैं कि इनसे हर तरह की लड़ाई लड़ी जा सकती है। चाहे वह नाजायज ही क्यों न हों। इस पर हमारे देश के कर्मठ कर्मचारियों का एकाधिकार है। जब चाहे तब ज्ञापन, इससे बात नहीं बनी तो…
Read moreअरविन्द शर्मा हमारे देश में प्रेम की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। उस वक्त समाज की एनओसी की आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि प्रेम सर्वथा पवित्रता के साथ किया जाता था। लेकिन आजकल का लव रंग बिरंगा हो गया है। और जब से 'लव आज कल' के दर्शन किए है, &…
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